मनिपुर में हाल ही में फिर हिंसा ने गहरी चोटें पहुँचाई हैं। पिछले कुछ दिनों में दहशतग्रस्त क्षेत्रों में झड़पें छिड़ी, जिसके परिणामस्वरूप पाँच लोगों की जीवन ख़त्म हो गई, पर अब तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया। इस हिंसा के कारण स्थानीय लोगों में भय और गुस्सा बढ़ गया है। कई शहरों में पांच दिन का बंदी (बंद) भी लागू किया गया, जहाँ बच्चे पर बम विस्फोट में मारें हुए थे, जिससे जनता का संताप और बढ़ गया। कुछ नेताओं ने अतिरिक्त सुरक्षा दलों को तैनात करने की बात कही, पर सरकार की पहुंच और संवाद में कमी के कारण स्थिति बिगड़ती ही जा रही है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस की निष्क्रियता पर आलोचना तेज़ है, जबकि लोगों की सुरक्षा और न्याय की मांग बढ़ती जा रही है।