इस्लामिक गणतंत्र ईरान ने पाकिस्तान में आयोजित यूएस-ईरान वार्तालाप के दूसरे दौर को अस्वीकार कर दिया। ईरान के राजनयिकों ने कहा कि अमेरिकी मांगें अत्यधिक हैं और वे नरकास्पेश महाद्वीप में अफ़वाहें फैलाने के साथ ही इरान की अर्थव्यवस्था पर प्रतिबंधों को जारी रखने की कोशिश कर रहे हैं। वे विशेष रूप से हर्मुज जलडमरूमध्य में नौसैनिक रुकावट को प्रमुख बाधा के रूप में दर्शा रहे हैं। ईरान ने कहा कि इन शर्तों के बिना कोई भी वार्ता सार्थक नहीं होगी और वह अपनी जलडमरूमध्य सुरक्षा के अधिकारों को नहीं छोड़ सकता। इस निर्णय से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा है और भविष्य में किसी भी प्रत्यक्ष चर्चा की संभावना घट गई है।