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Breaking News: हजारी डॉलर की कीमत वाला H‑1B वीज़ा शुल्क हटाया: भारतीय प्रवासी समुदाय ने खुशी जाहिर की
🕒 1 hour ago

संयुक्त राज्य अमेरिका की एक संघीय अदालत ने ट्रम्प प्रशासन द्वारा लागू किए गए 100,000 डॉलर के हाई-स्किल्ड वर्कर वीज़ा (H‑1B) शुल्क को असवैध घोषित कर दिया। यह फैसला भारतीय प्रवासी समूहों के लिए बड़ी राहत का संदेश लेकर आया है। भारत से कई तकनीकी पेशेवर, आईटी इंजीनियर और शोधकर्ता इस शुल्क के कारण अमेरिकी कंपनियों में काम पाने से बेमतलब होते आ रहे थे। अदालत के आदेश के बाद, इस महंगे शुल्क को पूरे देश में लागू करने की योजना को खारिज कर दिया गया, जिससे कई युवा भारतीयों को अपना करियर आगे बढ़ाने का नया अवसर मिला। अदालती निर्णय में स्पष्ट किया गया कि यू.एस. सरकार ने इस विशाल शुल्क को लागू करने के अधिकार से अधिक अधिकार भुनाया है और यह संवैधानिक रूप से अनुचित है। कई अमेरिकन बैंकर और इमिग्रेशन वकीलों ने भी इस फैसले का स्वागत किया, कहते हुए कि यह कदम न केवल आर्थिक न्याय को बढ़ावा देगा बल्कि उच्च कुशल कार्यबल को यू.एस. में आकर्षित करने की रणनीति को भी संतुलित करेगा। भारतीय प्रवासी संगठनों ने इस निर्णय पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि अब वे अपने प्रोडक्टिविटी और क्वालिफिकेशन के आधार पर नौकरियों के लिए प्रतिस्पर्धा कर सकेंगे, न कि अत्यधिक शुल्क के कारण बाधित रहेंगे। अमेरिका में रहने वाले भारतीय व्यापार संघों ने इस अदालत के आदेश को एक 'इतिहासिक जीत' बताया। उन्होंने कहा कि इस फैसले से कई स्टार्ट‑अप और टेक्नोलॉजी फर्मों को भारतीय प्रतिभाओं को आकर्षित करने में आसानी होगी, जिससे दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग में नई ऊर्जा का संचार होगा। इस बीच, यू.एस. कार्य मंत्री ने बताया कि अब वीज़ा प्रक्रिया पुनर्समीक्षा की जाएगी और भविष्य में इस तरह के अत्यधिक शुल्क लगने की संभावना कम की जाएगी। भारतीय विदेश मंत्रालय ने भी इस विकास को सकारात्मक रूप से देखा, यह कहा कि यह कदम भारतीय प्रवासियों के अधिकारों की सुरक्षा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आगे चलकर यह देखा जाएगा कि इस निर्णय के बाद कितनी कंपनियां भारतीय हाइ‑स्किल्ड प्रोफेशनलों को नियुक्त कर पाती हैं। कई विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला अमेरिकी नौकरियों के बाजार में संतुलन बनाएगा और भारतीय युवा प्रतिभा को वैश्विक मंच पर अपनी क्षमताओं को प्रदर्शित करने का अवसर देगा। कुल मिलाकर, यह अदालत का फैसला भारतीय प्रवासी समुदाय के लिए एक बड़ी जीत है, जो न केवल आर्थिक बोझ घटाता है बल्कि अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को भी मजबूत करता है।

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✍️ By Pradeep Yadav | 09 Jun 2026