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Breaking News: मामता की टीएमसी में और उलझन: बर्खास्त MLA ऋताब्रत बैनर्जी का नया आरोप
🕒 1 day ago

मामता बांसल की तहत चल रही तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) आज फिर से अराजकता के चक्र में फँस गई है। पश्चिम बंगाल की एक बर्खास्त विधायक, ऋताब्रत बैनर्जी, ने अपने हटाए जाने के बाद फिर से एक धक्का दिया है, जिससे पार्टी के भीतर टकराव की नई लहर उठी है। बैनर्जी ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि पार्टी के अंदर के कुछ वरिष्ठ नेताओं द्वारा उनके खिलाफ एक साजिश रची गई थी, जिसका मकसद उन्हें हटाकर अपनी शक्ति को मजबूत करना था। यह दावा कई श्रोताओं ने पुष्टि की है, जिससे टीएमसी के अंदर विद्रोह की मार्मिक कहानी फिर से सुर्खियों में छाई है। बैनर्जी ने बताया कि उनके हटाए जाने के पीछे एक समूह ने कई अनौपचारिक बैठकों में सामूहिक रूप से निर्णय लिया था, जिससे न केवल वह, बल्कि कई और विसंतरीय नेता भी असंतोष व्यक्त कर रहे हैं। यह स्पष्ट है कि टीएमसी के भीतर इस तरह के विवाद न केवल पार्टी की इकाई को तोड़ते हैं, बल्कि चुनावी रणनीतियों में भी व्यवधान उत्पन्न करते हैं। आसपास के कई जिला और उपनगर स्तर के प्रतिनिधियों ने भी बैनर्जी के साथ अपना समर्थन जताया है और कहा है कि इस तरह की अनुशासनहीनता का अंत होना चाहिए, जिससे पार्टी के भीतर की एकता फिर से स्थापित हो सके। इस घटना ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ी हलचल मचा दी है। कई राजनैतिक विश्लेषकों का मानना है कि बैनर्जी की ये नई दावे टीएमसी के भीतर चल रहे विभाजन को और गहरा कर देंगे, विशेषकर जब अगले कुछ महीनों में राज्य चुनावों की तैयारी हो रही है। कांग्रेस और बहुजातियों के गठबंधन ने इस मुद्दे पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यह टीएमसी की आंतरिक समस्याओं का संकेत है और यह opposition को जीत की राह में एक अतिरिक्त संभावना प्रदान करता है। सामने आने वाली चुनौतियों में बैनर्जी की पुनर्स्थापना और विपक्षी दलों की बढ़ती दबाव को संतुलित करना प्रमुख रहेगी। निष्कर्षतः, ऋताब्रत बैनर्जी का नया दावा एक साधारण विवाद नहीं, बल्कि टीएमसी के भीतर सत्ता संघर्ष का एक प्रमुख मोड़ है। पार्टी को इस क्षणिक संकट को संभालते हुए अपने सदस्यों के बीच विश्वास को फिर से स्थापित करना होगा, नहीं तो यह विभाजन उनका चुनावी समर्थन और गठबंधन शक्ति को कमजोर कर सकता है। बीजेपी और अन्य विपक्षी दल इस घोटाले को अपने पक्ष में ले कर चुनावी रणभूमि में तेज़ी से आगे बढ़ सकते हैं, इसलिए माँटा बांसल को इस दांव में सटीक कदम उठाते हुए अपनी पार्टी को एकजुट करना अनिवार्य हो गया है।

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✍️ By Pradeep Yadav | 05 Jun 2026