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Breaking News: कोकरोच जनता पार्टी का धमाका: मोदी सरकार से धर्मेंद्र प्रधान को निकालने की सख़्त माँग
🕒 2 days ago

दिल्ली के राजनीतिक परिदृश्य में हाल ही में एक नया उथल-पुरथल दिख रहा है। कोकरोच जनता पार्टी (CJP) ने एक तीव्र बयान जारी किया है, जिसमें उन्होंने मोदी सरकार से आग्रह किया है कि वह वैज्ञानिक मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाकर एक सख़्त उदाहरण स्थापित करे। पार्टी के संस्थापक ने सार्वजनिक रूप से कहा कि वर्तमान प्रशासन के तहत 'अराजकता ही नई सामान्यता' बन गई है और इसे रोकने के लिए नाटकीय कदम उठाने की आवश्यकता है। इस मांग को समर्थन मिलने के बाद, पार्टी ने 6 जून को दिल्ली के जंतर मंतर में शांतिकालीन प्रदर्शन करने का आह्वान किया है, जिसमें वे इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने का इरादा रखती है। CJP के नेताओं ने बताया कि धर्मेंद्र प्रधान की नियुक्ति के बाद से कई नीतियों में बेमेल और अनियंत्रित पदक्रम देखे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के प्रमुख मंत्रियों में से एक के रूप में प्रधान की दृढ़ता और जवाबदेही की कमी से देश में अराजकता का माहौल बना है। इस संदर्भ में उन्होंने 'कोकरॉच' शब्द का प्रयोग किया है, जिसका अर्थ है कि पार्टी के सदस्य स्वयं को उन लोगों के रूप में देख रहे हैं जो गंदगी और अराजकता को सफ़ाई के लिए उजागर करना चाहते हैं। पार्टी ने इस मांग के समर्थन में 6 जून को जंतर मंतर में 10,000 से अधिक समर्थकों को बुलाने की योजना बनाई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह प्रदर्शन मतभेदों या हिंसा के बिना शांति पूर्ण रहेगा, और सभी प्रतिभागियों से शांतिपूर्ण तरीके से अपना संदेश पहुंचाने का आग्रह किया गया है। इस दौरान CJP ने मीडिया को बताया कि उनके पास इस आंदोलन को सफल बनाने के लिए कई रणनीतिक कदम तय किए गए हैं, जिनमें सोशल मीडिया पर जागरूकता बढ़ाना, स्थानीय नागरिक संगठनों के साथ गठबंधन करना और प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सरकारी अधिकारियों को जवाबदेह ठहराना शामिल है। विरासत में मिले सवालों के बीच, धर्मेंद्र प्रधान ने अभी तक इस मांग पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी है। विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे को लेकर अपनी-अपनी राय व्यक्त की है, कुछ ने इसे केवल राजनीतिक दांव-परिवर्तन माना है, तो कुछ ने इसे सरकार की जवाबदेही बढ़ाने का अवसर माना है। अभी तक इस आंदोलन के परिणामस्वरूप किसी आधिकारिक प्रतिक्रिया की खबर नहीं आई है, लेकिन यह स्पष्ट है कि CJP की यह कार्रवाई भारतीय राजनीति में एक नई लहर पैदा कर सकती है। अंत में कहा जा सकता है कि कोकरोच जनता पार्टी की यह पुकार न केवल धर्मेंद्र प्रधान की स्थिति को चुनौती दे रही है, बल्कि यह भी बताती है कि नई पीढ़ी के राजनीतिक संगठनों को सरकार के कार्यकाल में पारदर्शिता और जवाबदेही की माँग करने का साहस है। यदि 6 जून को जंतर मंतर में उनका प्रदर्शन सफल होता है, तो यह भविष्य में राजनीतिक आवाज़ों के लिए एक महत्वपूर्ण उदाहरण स्थापित कर सकता है और सरकार को अपने कार्यों पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर कर सकता है।

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✍️ By Pradeep Yadav | 05 Jun 2026