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Breaking News: अमेरिकी रक्षा सचिव पेटे हेगसेथ ने कहा: भारत की सेना अब शक्ति और आधुनिकीकरण की नई दिशा में
🕒 13 hours ago

अमेरिकी रक्षा सचिव पेटे हेगसेथ ने हाल ही में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मंच में भारत की सैन्य शक्ति को "शक्तिशाली" और "आधुनिकीकरण की प्रक्रिया में" निरूपित किया। यह बयान भारत-अमेरिका सुरक्षा सहयोग की नई ऊर्जा का प्रतीक है और भारत की तेज़ी से बदलती रक्षा रणनीति को वैश्विक मंच पर उजागर करता है। हेगसेथ ने कहा कि भारत ने तकनीकी उन्नति, उच्च गुणवत्ता वाले उपकरणों और रणनीतिक सोच में उल्लेखनीय प्रगति की है, जिससे वह क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने में सक्षम बना है। उनकी इस टिप्पणी ने भारतीय रक्षा क्षेत्र के भीतर चल रही आधुनिकीकरण पहलों को नई प्रेरणा प्रदान की है, जिसमें एंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइल, साइबर सुरक्षा, नेटवर्क-संचालित युद्ध प्रणाली और समुद्री शक्ति में बड़ा निवेश शामिल है। हेगसेथ के यह विचार कई सत्रों में साझा किए गए, जहाँ उन्होंने भारत की रक्षा-परिचालन क्षमताओं की प्रशंसा की। उन्होंने उल्लेख किया कि भारत ने पिछले कुछ वर्षों में फाइटर जेट, एंटी-सबमर्सी सिस्टम, एलिट विशेष बल एवं द्वितीयक क्षमताओं में अभूतपूर्व गति से कदम बढ़ाए हैं। साथ ही, रक्षा डिप्लोमेसी में भारत की सक्रिय भागीदारी, जैसे सिंगापुर में हुए 16वें रक्षा नीति संवाद में ऑस्ट्रेलिया, यूरोपीय संघ एवं नीदरलैंड्स के साथ सहयोग, इस बात का सूचक है कि भारत विश्व के प्रमुख रक्षा मंचों में एक भरोसेमंद साझेदार बन चुका है। इस संदर्भ में, हेगसेथ ने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका भारत के साथ मिलकर उच्च-स्तरीय ऑपरेशनल क्षमताओं को सुदृढ़ करने के लिए तैयार है, जिससे दोनों देशों की सामरिक तालमेल और अधिक शक्ति प्राप्त करेगा। भारत सरकार ने भी इस प्रशंसा के जवाब में अपने राष्ट्रीय रक्षा नीति में दो मुख्य दिशा-निर्देशों को स्पष्ट किया। पहला, "मेक इन इंडिया" पहल के तहत घरेलू रक्षा उत्पादन को तेज़ी से बढ़ावा देना, जिससे विदेशी तकनीक को आत्मनिर्भरता में बदला जा सके। दूसरा, जटिल भू-राजनीतिक चुनौतियों का सामना करने के लिए बहु-स्तरीय रणनीति बनाना, जिसमें समुद्री सुरक्षा, साइबर युद्ध और अंतरिक्ष रक्षा शामिल हैं। इन पहलों के तहत भारत ने हाई-टेक सामरिक उपकरणों की खरीद, जैसे जेट एंजेल, स्युडर एंटी-एयरक्राफ्ट सिस्टम और भविष्य की अगली पीढ़ी के उपग्रह प्रक्षेपण वाहनों का विकास, को गति दी है। अंत में कहा जा सकता है कि हेगसेथ का बयान भारतीय सेना की वर्तमान स्थिति को एक भरोसेमंद, निरंतर विकसित होती शक्ति के रूप में दर्शाता है। यह न केवल अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा माहौल में भारत की बढ़ती भूमिका को सुदृढ़ करता है, बल्कि राष्ट्रीय रक्षा नीति को भी नई दिशा देता है। भविष्य में भारत-अमेरिका के सैन्य सहयोग में और अधिक संयुक्त अभ्यास, तकनीकी विनिमय और सामरिक योजना का समावेश संभव है, जिससे दोनों देशों के साथियों के बीच विश्वास और भरोसा और गहरा होगा। इस प्रकार, भारत की सेना न केवल शक्ति के मानदंडों को पूरा कर रही है, बल्कि आधुनिक युद्ध के जटिल परिदृश्य में भी अग्रसर है।

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✍️ By Pradeep Yadav | 30 May 2026