📰 Kotputli News
Breaking News: सीबीएसई ने स्कूलों को दिया नया स्क्रिप्ट: reels बनाओ, OSM का समर्थन करो, घबराओ नहीं
🕒 1 day ago

भारत के कई प्री-नैशनल शैक्षणिक बोर्ड (CBSE) ने हाल ही में स्कूलों को एक नया निर्देशात्मक स्क्रिप्ट जारी किया है, जिसमें शिक्षकों को छात्रों को reels बनाने, Open Schooling Module (OSM) को अपनाने और परीक्षा परिणामों के प्रति शांत रहने के आह्वान किया गया है। यह कदम तब आया जब बोर्ड के निर्णयों को लेकर विद्यार्थियों, अभिभावकों और शैक्षणिक समुदाय में तीव्र विरोध और जाँच की लहर चढ़ी थी। स्क्रिप्ट में विशेष रूप से उल्लेख है कि किस प्रकार के डिजिटल कंटेंट को प्रोत्साहित किया जाए, किसे वैकल्पिक शैक्षणिक मॉड्यूल के रूप में स्वीकार किया जाए और जब परिणामों में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी का संकेत मिले तो विद्यार्थियों को घबराने की जरूरत नहीं है। इस पहल के पीछे बोर्ड का प्रमुख उद्देश्य छात्रों को आधुनिक तकनीकी प्लेटफ़ॉर्म का उपयोग करके सीखने के नए तरीके प्रदान करना और साथ ही संदेहास्पद मान्यताओं को दूर करना है। स्कूलों को इस स्क्रिप्ट में कई प्रमुख बिंदु समझाए गए हैं। पहला, छात्रों को छोटे-छोटे educational reels बनाने के लिए प्रोत्साहित करना, जिससे वे अपनी रचनात्मकता और ज्ञान को सरल एवं रोचक स्वरूप में साझा कर सकें। दूसरा, OSM यानी ओपन स्कूलिंग मॉड्यूल को पूरी तरह से समर्थन देना, ताकि उन छात्रों को भी बराबर अवसर मिल सके जो पारम्परिक कक्षा शिक्षण से बाहर हैं या उन्हें किसी कारणवश नियमित पढ़ाई में बाधा आती है। तीसरा, परिणाम आने पर छात्रों को घबराने की बजाय साक्ष्य आधारित पुनः‑जांच प्रक्रिया का इंतजार करने का निर्देश देना, जिससे शैक्षणिक प्रणाली में पारदर्शिता और भरोसेमंदता बनी रहे। साथ ही, बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि किसी भी तर्कसंगत प्रश्न या तकनीकी गड़बड़ी को हल करने के लिए एक पुनर्मूल्यांकन प्रणाली 1 जून से सक्रिय रूप से कार्य करेगा, जिससे सबूतों में सुधार और छात्रों के अंक सुरक्षित रहेंगे। इस स्क्रिप्ट को लेकर सामाजिक मीडिया पर बहस छिड़ गई है। कई अभिभावकों और विद्यार्थियों ने इसे शिक्षा की डिजिटल दिशा पर अभिमुख किया है, जबकि कुछ ने यह चिंताकारी बताया कि reels जैसी हल्की-फुलकी सामग्री शैक्षणिक गंभीरता को कम कर सकती है। दूसरी ओर, OSM को अपनाने से ग्रामीण और दूरदराज़ के क्षेत्रों में शैक्षिक समानता बढ़ेगी, यह माना जा रहा है। शैक्षणिक मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस दिशा में अपने समर्थन की पुष्टि की, यह कहते हुए कि बोर्ड ने ऑन‑स्क्रीन मार्किंग के तकनीकी गड़बड़ी को सुधारा है और अब छात्र अपनी अंक-प्रक्रिया को सुरक्षित और पारदर्शी मान सकते हैं। अंत में यह कहा जा सकता है कि सीबीएसई का यह नया स्क्रिप्ट शैक्षणिक प्रणाली में बदलते समय के साथ तालमेल बिठाने की कोशिश है। डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर reels का प्रयोग शिक्षण को आकर्षक बनाता है, OSM के माध्यम से दूरस्थ छात्रों को समावेशी शिक्षा मिलती है और परिणामों की पुनः‑जांच प्रक्रिया से छात्रों का भरोसा कायम रहता है। यह सभी कदम मिलकर शैक्षणिक प्रणाली को अधिक लचीलापन और उत्तरदायित्व प्रदान कर रहे हैं, जिससे भविष्य में शिक्षा की गुणवत्ता और पहुँच में सुधार की आशा है।

Stay connected with Kotputli News for latest updates.


📲 Share on WhatsApp
✍️ By Pradeep Yadav | 29 May 2026