वॉशिंगटन और तेहरान के बीच चल रही कूटनीतिक बातचीत ने कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति का इशारा किया है, परंतु दोनों पक्षों ने यह स्पष्ट किया है कि समझौता अभी तत्परता से लागू नहीं हो सकता। रिपोर्टों के अनुसार, संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान ने संभावित स्मृति पत्र (MoU) के कई प्रमुख विषयों पर आपसी समझ स्थापित कर ली है, लेकिन अभी भी कई शर्तें ऐसी हैं जिनको दोनों पक्षों को अन्तिम रूप देना है। इस चरण में, ईरानी प्रतिनिधियों ने कहा कि प्रगति हुए हैं, परंतु "सौदा निकट नहीं है" का उल्लेख किया गया, जिससे क्षेत्रीय स्थिति में स्थिरता की उम्मीदें अभी भी अनिश्चित बनी हुई हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि वे ईरान के साथ कुछ संवेदनशील मुद्दों पर अभी भी असहमति रखते हैं, विशेषकर प्रतिबंधों के हटाए जाने की शर्तें और यूएस के सुरक्षा चिंताएँ। ईरान के मध्यस्थ स्रोतों ने बताया कि कूटनीतिक समीकरण में कई परस्पर लाभदायक बिंदु सामने आए हैं, जैसे एटॉमिक ऊर्जा सहयोग, आर्थिक प्रतिबंधों की क्रमिक राहत, और मध्य पूर्व में स्थिरता के लिए नई रूपरेखा। लेकिन इन बिंदुओं को आधिकारिक रूप देने से पहले, न्यूयॉर्क और टेह्रान दोनों को अपने-अपने घरेलू संस्थानों से अनुमोदन प्राप्त करना आवश्यक है, और इसमें समय लगना स्वाभाविक है। ईरान के आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा कि यह समझौता एक "वास्तविक और व्यावहारिक" प्रक्रिया का परिणाम है, जिसमें दोनों पक्षों ने अपने हितों को संतुलित करने की कोशिश की है। उन्होंने यह भी बताया कि इस समझौते की संभावित सफलता अमेरिकी प्रतिबंधों के क्रमिक हटाने, और ईरान की आर्थिक पुनरुद्धार में मदद करेगी। दूसरी ओर, अमेरिकी राजनयिकों ने कहा कि वे ईरान द्वारा प्रस्तुत कुछ धारा, जैसे ऊर्जा और विज्ञान के क्षेत्रों में सहयोग, को स्वीकार कर रहे हैं, लेकिन अभी भी कुछ सुरक्षा-सम्बंधित शर्तें हैं जिनपर पुनर्विचार किया जाना बाकी है। निष्कर्षतः, जबकि ईरान और अमेरिका के बीच कई बिंदुओं पर समझौता हो चुका है, लेकिन अंतिम समझौता अभी परिपक्व नहीं हुआ है। दोनों देशों को अपने-अपने संसदों और संबंधित संस्थाओं की स्वीकृति प्राप्त करने में समय लग सकता है, और इस बीच अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान इस कूटनीतिक प्रक्रिया पर बना रहेगा। यदि इन प्रयासों को निरंतरता मिलती रही तो भविष्य में दोनो राष्ट्रों के बीच स्थायी शांति और आर्थिक सहयोग की राह प्रशस्त हो सकती है, परंतु वर्तमान में यह स्पष्ट है कि सौदा तत्काल नहीं है।