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Breaking News: तमिलनाडु में सत्ता का दांव: कांग्रेस के समर्थन से विजय ने सरकार बनाने का दावा, टीवीके छह सीटों पर टिका
🕒 1 hour ago

तमिलनाडु के राजनीति मंच पर हाल ही में एक तीव्र संघर्ष ने नागरिकों की नज़रें केंद्रित कर ली हैं। राज्य के विधानसभा चुनावों के परिणामों के बाद, बहुसंख्यक गठबंधन बनाने की दौड़ तेज़ हो गई। इस परिप्रेक्ष्य में अंड्र में बेसिक पार्टी (एबीपी) के प्रमुख वी.के. स्वामी निकिता लाल निकोला, जिन्हें वी.के. के रूप में भी जाना जाता है, ने कांग्रेस के साथ गठबंधन कर सरकार बनाने का दावा किया है। कांग्रेस ने आधिकारिक तौर पर अपना समर्थन प्रस्तावित किया, जिससे वीके को एकत्रित बहुमत के करीब पहुँचाया गया। इस बीच, तमिलनाडु वैजईकनाल पार्टी (टीवीके) के नेतृत्त्व में छह सीटों की स्थिति बनी हुई है, जिससे उनकी भूमिका भी निर्णायक बन गई है। विजय, जो टीवीके के प्रमुख नेता के रूप में उभरे हैं, ने गवर्नर अरलेकर को औपचारिक लिखते हुए सरकार बनाने की अपनी इच्छा स्पष्ट की। इस लिखते में उन्होंने कहा कि कांग्रेस के समर्थन से वह न्यूनतम दो-तीन लाख मतों के साथ शासन निर्माण के लिए तैयार हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने वैजईकनाल पार्टी के अलावा वीसीके, वामपंथी दल और कई स्वतंत्र उम्मीदवारों से भी समर्थन मांगा है। यह कदम केवल सत्ता के लिए नहीं, बल्कि तमिलनाडु में सामाजिक और आर्थिक बदलावों को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से लिया गया है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि विजय का यह दावाकरण तमिलनाडु की जटिल राजनीति में एक नया मोड़ पेश करेगा। कांग्रेस का समर्थन, जबकि वह खुद एक बड़ी पार्टी है, एक बारे में गहरी रणनीति को दर्शाता है, जिससे वह राज्य में अपनी शक्ति को पुनः स्थापित करने की कोशिश कर रहा है। वहीं, टीवीके, जो पिछले चुनाव में बड़े पैमाने पर वोटों का संग्रह कर चुका है, अपनी छः सीटों को लेकर अब भी शक्ति का महत्वपूर्ण हथियार मानता है। यदि वह अपनी सीटों को किसी बड़े गठबंधन में जोड़ता है, तो वह भी सत्ता के तालमेल में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इसपर तमिलनाडु के विभिन्न सामाजिक वर्गों की प्रतिक्रिया मिश्रित रही है। कुछ लोग विजय के प्रशासनिक अनुभव और विकासात्मक योजनाओं को लेकर आशावादी हैं, जबकि अन्य कांग्रेस के समर्थन को लेकर शंका व्यक्त कर रहे हैं कि क्या यह असली बदलाव लाएगा। आगे बढ़ते हुए, राज्य के गवर्नर को अंतिम निर्णय लेना होगा कि किस गठबंधन को सरकार बनाने की अनुमति दी जाएगी। इस निर्णय का नतीजा केवल तमिलनाडु की राजनीति नहीं, बल्कि केंद्र-राज्य संबंधों पर भी गहरा असर डाल सकता है। संक्षेप में, तमिलनाडु में सरकार बनाने की जंग अब एक नई मोड़ पर पहुँच गई है। विजय ने कांग्रेस के समर्थन से अपनी जड़ को मजबूत किया है, जबकि टीवीके की छः सीटों का महत्व अभी भी बरकरार है। इस राजनीतिक परिदृश्य में कौन सी गठबंधन वास्तविक शक्ति हासिल करेगी, यह समय ही बताएगा, परंतु यह स्पष्ट है कि तमिलनाडु की जनता के लिए यह निर्णय उनके भविष्य की दिशा तय करेगा।

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✍️ By Pradeep Yadav | 06 May 2026