जयपुर की सदियों पुरानी कलई कला आधुनिकता की दौड़ में लुप्त होने के कगार पर
जयपुर की सदियों पुरानी पारंपरिक कलई कला आधुनिक स्टील और एल्युमिनियम बर्तनों के बढ़ते चलन के कारण गंभीर संकट से जूझ रही है। तांबे और पीतल के बर्तनों पर रांगा चढ़ाने वाले कलईगर अब गिने-चुने ही बचे हैं। यदि समय रहते इस हस्तशिल्प को उचित संरक्षण नहीं मिला, तो