जिस कॉलेज में पढ़े और टॉपर रहे, उसी के प्रिंसिपल बने रफीक अहमद
करौली के राजकीय महाविद्यालय के कार्यवाहक प्राचार्य के रूप में पदभार संभालने वाले प्रोफेसर रफीक अहमद की सफलता की कहानी युवाओं के लिए एक प्रेरणास्रोत है। एक दर्जी के बेटे और अपने परिवार के पहले सरकारी कर्मचारी रहे प्रोफेसर अहमद ने सात वर्ष की आयु तक स्कूल न